ये कुछ यादे है कोल्कता की जो आपसे बटना चाहती हू। पहली तस्वीर एक चित्र प्रदर्सनी की है जो मैंने आयोजित की थी १९९७ में गग्नेंद्रो आर्ट गैलरी में , इस में रशिया के तत्कालिन हाई कमिश्नर ,कोल्कता के sri सोरोकीन आए थे।दूसरी तस्वीर कोल्कता के भरतीय भाषा परिसद की है जहा मैंने भारत और रशिया के पत्रकारों और चित्रकारों की एक विचार गोष्टी आयोजित की थी, इस में मिलाप दुग्गड़ जी ,रशिया की एक पत्रकार- चित्रकार , मै, भारत के एक चित्रकार और रशिया भाषा की जानकर और मेरी नाम बहन माधवी भी है।
तीसरी तस्वीर बिहार सोसाइटी के सालाना समारोह के बाद की है। जिसमे सभी लोग मिलजाए गे जिनोह ने उस कार्यक्रम में हिस्सा लिया था.ये मेरे कोल्कता की यादे.