Tuesday, January 6, 2009

कोल्कता की यादे

ये कुछ यादे है कोल्कता की जो आपसे बटना चाहती हू। पहली तस्वीर एक चित्र प्रदर्सनी की है जो मैंने आयोजित की थी १९९७ में गग्नेंद्रो आर्ट गैलरी में , इस में रशिया के तत्कालिन हाई कमिश्नर ,कोल्कता के sri सोरोकीन आए थे।

दूसरी तस्वीर कोल्कता के भरतीय भाषा परिसद की है जहा मैंने भारत और रशिया के पत्रकारों और चित्रकारों की एक विचार गोष्टी आयोजित की थी, इस में मिलाप दुग्गड़ जी ,रशिया की एक पत्रकार- चित्रकार , मै, भारत के एक चित्रकार और रशिया भाषा की जानकर और मेरी नाम बहन माधवी भी है।

तीसरी तस्वीर बिहार सोसाइटी के सालाना समारोह के बाद की है। जिसमे सभी लोग मिलजाए गे जिनोह ने उस कार्यक्रम में हिस्सा लिया था.ये मेरे कोल्कता की यादे.

5 comments:

Satish Chandra Satyarthi said...

अगर अपने ब्लॉग पर आप बिहार के समाज और संस्कृति के बारे में भी लिखा करें तो अच्छा होगा.

Anonymous said...

बढ़िया प्रयास.

Samay Darpan said...

aaj bihar ke vikas ke liye samoohik prayas ki jaroorat hai. aap bihar ke creative logon ki shrinkhla taiyar karen. hamari shubhkamnayen..............
GOPAL PRASAD(09211309569)
Editor, Samay Darpan
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गोविंद गोयल, श्रीगंगानगर said...

matlab bhartiy nahi. narayan narayan

Pawan Kumar Sharma said...

nice